Chapter 2

Mahsoos

Poetry 💕💕 by Avinash kumar Maurya




मस्जिदो में नाम से उसकी अज़ान लगती थी...

 वो चलती थी फिर बाइबिल गीता कुरान लगती थी....

 उसके हाथ में जादू था खोटे सिक्के चल जाते थे ......

इधर वो खात me आग लगती उदर कबूतर जल जाते थे।